क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है? | क़ुतुब मीनार का इतिहास

दोस्तों, आजके इस ब्लॉग में हम क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है और क़ुतुब मीनार का इतिहास के बारे में जानकारी देने वाले हैं। इस ब्लॉग में आपको क़ुतुब मीनार से जुडी हर हो जानकारी मिलने वाली है जो आपके लिए जानना बहुत ही जरुरी है।

क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है
क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है?

अगर आप इतिहास पढ़ते हैं या एक स्टूडेंट है जो किसी सरकारी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आपको क़ुतुब मीनार के बारे में तो जरूर पता ही होगा, अगर नहीं पता है तो आपको बता दें की क़ुतुब मीनार दिल्ली में स्थित एक मीनार है जिसके बारे में जानना आपके लिए बहुत ही जरुरी है, इसलिए इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें ताकि आप क़ुतुब मीनार से जुडी किसी भी जानकारी को मिस न कर पाएं।

वर्तमान की अगर बात करें तो क़ुतुब मीनार हमारे देश भारत में दिल्ली के दक्षिण क्षेत्र में महरौली भाग में स्थित है। ये मीनार ईंट की बनी हुई है जो की विश्व की सबसे ऊँची मीनार मानी जाती है।

क़ुतुब मीनार का इतिहास

क़ुतुब मीनार का इतिहास जानने की कोशिश करें तो आपको बता दें की क़ुतुब मीनार को दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था। आपको बता दें की सबसे पहले कुतुबुद्दीन ऐबक ने इस मीनार को बनवाने का काम 1192 ईस्वी में शुरू करवाया था। मामलुक वंश की शुरुवात भी कुतुबुद्दीन ऐबक ने ही की थी। क़ुतुब मीनार को निचे से चौड़ा और ऊपर से थोड़ा संकरा बनाया गया है, इसके निचले हिस्से में भारत में बनने वाली सबसे पहली मस्जिद कुवत-उल-इस्लाम थी।

मीनार को बनवाने की अवधि 1206 से 1290 तक थी। कुतुबुद्दीन ऐबक, क़ुतुब मीनार को पूरा बनते हुए नहीं देख पाए, बाद में उनके उत्तराधिकारी फिरोज शाह और इल्तुतमिश ने इस मीनार को बनाने का काम पूरा करवाया। कुतुबुद्दीन ऐबक ने इस मीनार का निचला हिस्सा पूरी तरह से बनवा दिया था लेकिन ऊपर के हिस्से का बनना अभी बाकी था। बचे हुए काम में इल्तुतमिश ने ऊपर तीन मंजिलें बनवायी और आखिरी मंजिल को बनवाने का काम फिरोज शाह ने करवाया।

आपने क़ुतुब मीनार का इतिहास जान लिया है, चलिए अब आपको बताते हैं की क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है:

क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है?

क़ुतुब मीनार की लम्बाई लगभग 73 मीटर है। मीनार निचे से चौड़ी और ऊपर से संकरी है। इस मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर और व्यास 14.3 मीटर है, यह व्यास ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर है क्योंकि मीनार ऊपर से संकरी है। मीनार के अंदर की अगर बात करें तो इसमें ऊपर जाने के लिए कुल 379 सीढ़ियां हैं।

क़ुतुब मीनार में कुल 5 मंजिलें बनाई गयी है, जिसमें हर मजिल के चरों तरफ छज्जे भी लगाए गए हैं। पहली तीन मज़िलों को लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है, वहीँ चौथी और पांचवी मंजिल को बनाने में संगमरमर का भी इस्तेमाल किया गया है।

क़ुतुब मीनार की लम्बाई और इतिहास के बारे में जानने के बाद आपको ये भी जानना जरुरी है की क़ुतुब मीनार के पास एक लौह स्तम्भ भी मौजूद है जो बहुत फेमस है। इस 24 फ़ीट उन्हें और 6 टन से भी ज्यादा भरी स्तम्भ की खासियत ये है की ये ऐसे लोहे से बना हुआ है जिसमें बिलकुल भी जंग नहीं लगती है। अगर आप क़ुतुब मीनार को देखने के लिए जाएँ तो इसे भी जरूर देखें।

क़ुतुब मीनार से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • क़ुतुब मीनार सीधी खड़ी न होकर थोड़ी सी झुकी हुई है।
  • क़ुतुब मीनार के पास स्थित लौह स्तम्भ में 2000 सालों के बाद भी जंग नहीं लगा है।
  • क़ुतुब मीनार की लम्बाई 73 मीटर है।

ये भी पढ़ें:

Conclusion

इस ब्लॉग में आपने क़ुतुब मीनार की लम्बाई के साथ साथ क़ुतुब मीनार के इतिहास के बारे में भी जाना। साथ ही आपने इस ब्लॉग के माध्यम से क़ुतुब मीनार के बारे में अन्य जानकारियां भी ली जैसे की क़ुतुब मीनार में कुल 5 मंजिलें हैं जिनमें से निचे की 3 मंजिलों को बनाने में बलुआ पत्थर का इस्तेमाल हुआ है और ऊपर की 2 मज़िलों में संगमरमर भी इस्तेमाल किया गया है।

क़ुतुब मीनार हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जानी जाती है और यही कारण है की यहां पर हज़ारों की संख्या में टूरिस्ट इसे देखने के लिए आते हैं। क़ुतुब मीनार के पास में लौह स्तम्भ भी स्थित है जिसे अपनी जंग ना लगने की विशेषता के लिए जाना जाता है।

हमें उम्मीद है की आपको हमारे इस ब्लॉग क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है, के माध्यम से आपको क़ुतुब मीनार की लम्बाई और क़ुतुब मीनार का इतिहास जानने को मिला होगा। अगर आपको इस ब्लॉग क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है, से सम्बंधित किसी भी तरह का सवाल या सुझाव है तो आप हमसे कमेंट में शेयर कर सकते हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *