तुलसीदास को बचपन में रामबोला के नाम से भी जाना जाता था। चलिए आज हम तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) के बारे में जान लेते है। तुलसीदास के माता – पिता कौन थे। तुलसीदास ने किसकी रचना की, तुलसीदास की भाषा क्या थी ऐसी ही जरूरी जानकारी आपको हम आज के इस ब्लॉग तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) में देने वाले है। यदि आप चाहते है, की आपको तुलसीदास के बारे में हर वह जानकारी जो आप जानना चाहते है, आपको पता चले तो आप हमारे साथ में बने रहिये।
दोस्तों हिंदी व्याकरण का यह प्रश्न तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) को परीक्षा में बहुत बार पूछा जाता है, अधूरी जानकारी Student को होने के कारण बहुत सारे Student परीक्षा में तुलसीदास के बारे में सही से नहीं लिख पाते है। यदि आपको तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) के इस ब्लॉग की सारी जानकारी जानना है, तो आप हमारे ब्लॉग को अंत तक पढ़े।
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तुलसीदास के बारे में
तुलसीदास का एक नाम रामबोला भी है। तुलसीदास जी बड़े भोले थे, इसलिए उनको बचपन में रामबोला के नाम से भी जाना जाता था। तुलसीदास के और भी बहुत सारे नाम है। लेकिन आपको हम बता दे की तुलसीदास को गोस्वामी के नाम से भी जाना जाता है। तुलसीदास के पिता का नाम आत्माराम दुबे और इनकी माता का नाम हुलसी दुबे था। अब आप सोच रहें होंगे की तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) तो हम आपको बता दे की इसके बारे में हमने निचे बताया हुआ है।
तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the)
तुलसीदास के गुरु का नाम नरसिंहदास था। नरसिंहदास तुलसीदास जी के गुरु माने जाते है। नरसिंहदास का जन्म स्थान (Date of Barth) रायबरेली (Uttarpradesh) में माना जाता है। दोस्तों नरसिंहदास जी का जन्म 1505 ई में हुआ था। नरसिंहदास जी को संस्कृत और फ़ारसी का अच्छा गया था। और इनका धर्म हिन्दू था।
तुलसीदास की रचनाये
यदि आपने ऊपर तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) के बारे में जान लिया है, तो चलिए अब हम आपको तुलसीदास की रचनाओं के बारे में बताते है। दोस्तों तुलसीदास की प्रमुख रचनाये इस प्रकार है :-
- रामचरित मानस
- राम शलाका
- संकट मोचन
- रोला रामायण
- कुलडालिया रामायण
- छंदावली रामायण
- बरवे रामायण।
तुलसीदास के दोहे
दोस्तों क्या आपको पता है, तुलसीदास जी को दोहे लिखने का बहुत शोक था। यदि आपको तुलसीदास जी के दोहे के बारे में जानकारी है, तो अच्छी बात है, लेकिन यदि आपको नहीं पता की तुलसीदास जी के कोन- कोन से दोहे है, तो आप चिंता मत कीजिये हम आपको तुलसीदास के दोहे के बारे में जानकारी बताते है। हमने निचे उन दोहो के बारे में बताया हुआ है, जो तुलसीदास के है :-
- तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहु और।
- तुलसी भरोसे राम के निर्भय होकर सोए।
- सुर समर करनी करहि कही न जानवहि आपु।
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Conclusion
हमने आपको आज के इस ब्लॉग तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) में तुलसीदास जी के बारे में जानकारी बताई है। हमने जानकारी कुछ इस तरह बताई है – तुलसीदास की प्रमुख रचनाये कौन सी है। तुलसीदास के दोहे के बारे में जानकारी बताते हुए आपको हमने आज के इस ब्लॉग तुलसीदास के गुरु कौन थे (tulsidas ke guru kaun the) में तुलसीदास के माता – पिता, उनके बचपन के नाम के बारे में जानकारी बताई है।
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