साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए – जानिए साहित्यिक पत्रकारिता के बारे में पूरी जानकारी

नमस्कार आज हम बात करने वाले है, साहित्यिक पत्रकारिता के बारे आज आपको हम इस ब्लॉग में माध्यम से साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए के बारे में जानकारी देने के साथ ही और भी बहुत सारी जानकारी इस ब्लॉग के माध्यम से साहित्यिक पत्रकारिता के बारे में देने वाले है, जैसे – साहित्यिक पत्रकारिता की शुरुआत कब की गयी थी, साहित्यिक पत्रकारिता के प्रवर्तक कोन है, ऐसी ही बहुत सारी जाकारी हम साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए के इस ब्लॉग में देने वाले है।

साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए
साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए

आपने देखा होगा, सरकारी नौकरी की परीक्षाओ में पूछा जाने वाला यह प्रश्न साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए बहुत बार हमें देखने को मिलता है, सही जानकारी और अधूरे ज्ञान की वजह से बहुत सारे Student इस प्रश्न को गलत करते है, साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए के पीछे हमारा उद्देश्य हर Student को साहित्यिक पत्रकारिता के बारे में जानकारी देना है। यदि आप चाहते है, की आपको हमारे इस ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए में दी जाने वाली हर तरह की जानकारी प्राप्त हो, तो आप हमारे ब्लॉग को अंत तक पढ़े।

पत्रकारिता के बारे मे

पत्रकारिता को आधुनिक सभ्यता का एक प्रमुख व्यवसाय माना गया है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ भी माना गया है, पत्रकारिता के अर्थ को यदि हम English में समझे तो आपको हम बता दे की पत्रकारिता को English में Journalism ( जर्नलिस्म ) कहा जाता है। जर्नलिस्म शब्द जर्नल से निर्मित होता है, यदि हम जर्नल के शब्दों के अर्थ के बारे में बात करे तो इसका शाब्दिक अर्थ दैनिक होता है। पत्रकारिता के यदि हम माध्यम की बात करे तो इसके अंतर्गत पत्रिका, अख़बार, रेडियो, दूरदर्शन आदि है। अब आप सोच रहे होंगे की हमें साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए तो हमने इसके बारे में निचे बताया हुआ है।

पत्रकारिता का इतिहास बहुत पुराना है, 1921 के बाद हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत की गयी थी। पत्रकारिता की सहायता से व्यक्ति अपने घर बैठे दुनिया की खबर जान सकता है। देश की खबर को आसानी से जानने के लिए पत्रकारिता एक बहुत ही अच्छा माध्यम माना जाता है। साथ ही आपको हम बता दे की पत्रकारिता की सहायता से कोई भी व्यक्ति बिज़नेस करने में साकार हो सकता है, आज के समय में पत्रकारिता की जरूरत सभी व्यक्ति को है, चाहे वह व्यक्ति बिज़नेस करने वाला हो, या खेती करने वाला हो, या फिर Student सभी व्यक्ति को पत्रकारिता की जरूर होती है।

साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए

भारत में साहित्यिक पत्रकारिता की शुरुआत 19 वी सदी में हुई थी। यदि पत्रकारिता के प्रवर्तक की बात की जाये तो आपको हम बता दे की साहित्यिक पत्रकारिता के प्रवर्तक भारतेन्दु हरिश्चंद्र को माना जाता है। भारतेन्दु हरिश्चंद्र को हिंदी साहित्य का पितामह कहा जाता है। भारतेन्दु हरिश्चंद्र का मूल नाम हरिश्चंद्र था, और इनकी उपाधि भारतेन्दु मानी गयी है। भरतेन्दु हरिश्चंद्र जी का जन्म स्थल बनारस को माना जाता है। जानकारों की यदि हम माने तो ऐसा बताया जाता है, की भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म बनारस में हुआ था। 9 सितम्बर 1850 में भरतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म हुआ था।

भरतेन्दु हरिश्चंद्र जी ने सन 1868 में साहित्यिक पत्रिका कवी वचन सुधा का प्रकाशन किया था। द्विवेदी युग की अगर हम बात करे तो आपको यह जानकार हैरानी होगी की 1900-1918 ई. में बहुत सारी साहित्यिक पत्रिकाएं प्रकाशित हुई थी। जानकारों यदि माने तो ऐसा बताया जाता है, की वर्ष 1900 में मासिक पत्रिका सरस्वती का प्रकाशन इलाहबाद में हुआ था। द्विवेदी जी ने व्याकरण और खड़ी बोली को एक नई दिशा प्रदान की थी। साहित्यिक पत्रिका के बारे में कुछ जुरूरी जानकारी :-

  • भारत में 30 मई 1826 को हिंदी भाषा का अख़बार उदन्त मार्तड शुरू किया गया था।
  • हिंदी का सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र एक घूंट को माना जाता है।
  • 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।
  • भारत में हिंदी में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अख़बार दैनिक भास्कर है।
  • 1993 को भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का प्रारम्भ माना गया है।
  • हिंदी का पहला समाचार पात्र उद्त्त मार्तण्ड को माना जाता है।
  • भारत में हिंदी में 40,159 अख़बार है।
  • भारत देश में लगभग 35 भाषाओ में अख़बार छापते है।
  • भारत का दूसरा समाचार पत्र इंडिया गजट है।
  • दैनिक भास्कर को भारत देश में सबसे ज्यादा बिकने वाला अख़बार माना जाता है।

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Conclusion

हमने आपको आज के इस ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए में सारी जानकारी साहित्यिक पत्रकारिकता के बारे में बताई है, साथ ही आपको हमने भारत में पहला अख़बार कब प्रकाशित हुआ था, इसके बारे में जानकारी देने के साथ ही भारत में अख़बार की संख्या को भी बताया है, और भी बहुत सारी जानकारी इस ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए में आपको बतायी है, आपने यदि हमारे इस ब्लॉग को अच्छे से पढ़ा होगा तो आपको साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए के इस ब्लॉग में साहित्यिक पत्रिका के बारे में सारी जानकारी पता चल गयी होगी।

दोस्तों आशा करता हूँ की आपको हमारा यह ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए पसंद आया होगा, यदि आपको हमारा यह ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए अच्छा लगा हो, तो आप हमारे आज के इस ब्लॉग को अपने दोस्तों के साथ Share करे। जिससे आपके दोस्तों को भी हमारे इस ब्लॉग साहित्यिक पत्रकारिता को समझाइए में दी जाने वाली सारी जानकारी के बारे में पता चल सके।

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