संज्ञा किसे कहते हैं | sangya kise kahate hain

दोस्तों आजके ब्लॉग में हम संज्ञा के बारे में पढ़ने वाले हैं जिसमें हम, संज्ञा किसे कहते हैं ( sangya kise kahate hain), संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के कितने भेद होते हैं, ये पढ़ेंगे।

sangya kise kahate hain

(sangya kise kahate hain)संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि का नाम तो आपने सुना ही होगा। पिछले ब्लॉग में हमने विशेषण किसे कहते हैं और विशेषण के प्रकारों के बारे में जाना था, आजके इस ब्लॉग में हम संज्ञा के बारे में जानेंगे जैसे की संज्ञा किसे कहते हैं (sangya kise kahate hain), संज्ञा की परिभाषा क्या होती है और संज्ञा के भेद/प्रकार कितने होते हैं । चलिए सबसे पहले हम संज्ञा किसे कहते हैं, इसके बारे में पढ़ते हैं:

संज्ञा किसे कहते हैं ( sangya kise kahate hain)

परिभाषा: किसी व्यक्ति, वस्तु अथवा स्थान के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं । जैसे: लड़की, स्कूल या बन्दर आदि।

चलिए अब हम आपको संज्ञा के भेद के बारे में बताते हैं:

संज्ञा के भेद ( sangya ke kitne bhed hote hain)

संज्ञा के 3 भेद होते हैं जो इस प्रकार हैं:

sangya ke kitne bhed hote hain
  1. व्यक्ति वाचक संज्ञा
  2. भाव वाचक संज्ञा
  3. जाति वाचक संज्ञा

अब हम प्रत्येक संज्ञा को विस्तार से जानने का प्रयास करते हैं।

1. व्यक्ति वाचक संज्ञा ( vyakti vachak sangya kise kahate hain )

वो शब्द जिससे किसी एक व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं ।

जैसे: राहुल, उज्जैन, क्षिप्रा आदि। इन उदाहरणों में राहुल कहने से एक व्यक्ति का, उज्जैन कहने से एक स्थान का और क्षिप्रा कहने से एक नदी का बोध होता है।

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2. भाव वाचक संज्ञा ( bhav vachak sangya kise kahate hain )

वो शब्द जिनसे किसी व्यक्ति या वास्तु के गुण-दोष, दशा का बोध होता हो, उसे भाव वाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे: ऊंचाई, बचपन आदि ।

3. जाति वाचक संज्ञा ( jaati vachak sangya kise kahate hain )

वो शब्द जिनसे एक ही प्रकार के व्यक्ति या वास्तु का बोध होता हो, जाती वाचक संज्ञा कहलाती है।

जैसे: मनुष्य, नदी, मैदान आदि। इन उदाहरणों में मनुष्य कहने से सभी मानव जाति का, नदी कहने से सभी प्रकार की नदियों का और मैदान कहने से सभी प्रकार के मैदानों का बोध होता है।

तो दोस्तों इस तरह से आप संज्ञा को 3 मुख्य भेदों में विभाजित कर सकते हैं और इनकी परिभाषा भी आप इसी प्रकार से बता सकते हैं, साथ ही हमने आपके लिए उदाहरण भी दिए हैं जिनसे आप अच्छे से समझ सकें ।

आशा करता हूँ की आपको हमारा ये ब्लॉग जिसमें संज्ञा किसे कहते हैं ( sangya kise kahate hain) और संज्ञा के प्रकारों अथवा भेदों के विस्तार संग्रह पसंद आया होगा और इससे आपको संज्ञा के बारे में बहुत कुछ जानने को भी मिला होगा। अगर आपके मन में इस ब्लॉग से लेकर कुछ सवाल या सुझाव है तो आप हमें निचे कमेंट करके जरूर बतायें।

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