NRC क्या है? NRC Full Form | NRC के बारे में पूरी जानकारी

असम में अंतिम National register of Citizenship (NRC Full Form) की सूचि 31 अगस्त 2019 को जारी की गयी थी, इस सूचि में 19 लाख लोगों को शामिल नहीं किया गया और उनका विदेशी होने का खतरा हो गया है क्योंकि उनके नाम सूचि में नहीं है। क्या आप जानते हैं की राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर NRC क्या है और NRC full form क्या होता है, और क्या अगर NRC के बारे में आपको कुछ भी नहीं पता है तो इस ब्लॉग में हम आपको NRC के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं।

NRC Full Form
NRC Full Form

NRC Full Form

NRC full form National Register of Citizenship होता है जिसे हिंदी में राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर भी कहा जाता है।

NRC क्या है?

NRC जिसे राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर भी कहा जाता है इसे सबसे पहले assam में 1951 में लोगों के नाम, उनकी संपत्ति को जानने के लिए तैयार किया गया था। इसके बाद All Assam Students Union के द्वारा इसे अपडेट करने की मांग उठायी थी।

1985 में असम समझौता बांग्लादेश के स्वतंत्र होने के एक दिन पहले रातो रात आने वाले बांग्लादेशियों के नाम को मतदाता सूचि से हटाकर वापस बांग्लादेश भेजने के लिए बनाया गया था। केवल असम राज्य की ही आबादी करीब 33 मिलियन के आस पास है और ये हमारे देश का एकमात्र राज्य है जिसने NRC को अपडेट किया है। सबसे पहले NRC की प्रक्रिया 2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी।

NRC के उद्देश्य

NRC full form और NRC क्या है इसके बारे में जानने के बाद आपको ये भी पता होना चाहिए की NRC बिल को बनाने के पीछे क्या उद्देश्य था इसलिए हम आपको बता दें की NRC का मुख्य उद्देश्य असम में रहने वाले भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों की पहचान करना था।

All Assam Students Union और आसाम में रहने वाले अन्य नागरिकों का ये कहना है की आसाम में बांग्लादेश से रहने आये नागरिकों ने उनके अधिकारों को लूट लिया है और वो राज्य में हो रही अनियंत्रित आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल है, इसलिए इन लोगों को अपने देश यानी बांग्लादेश फिर से भेज देना चाहिए।

NRC के बारे में

भारत सरकार ने नर्स की प्रक्रिया पर करीब 1200 करोड़ रूपये खर्च किये हैं। इसको सफल बनाने के लिए 55000 अधिकारी शामिल थे, और पूरी प्रक्रिया में 64.5 मिलियन लोगों के दस्तावेज़ों की जांच की गयी।

अन्य Full Forms:

असम के नागरिक किसे माना जायेगा?

25 मार्च 1971 से पहले असम में रहने वाले लोगों को ही असम का नागरिक माना जायेगा, जिसमें लोगों को सूचि A दिए हुए दस्तावेज़ों  को जमा करना था और अगर कोई व्यक्ति सूचि B में आते हैं तो उन्हें अपने पूर्वजों के दस्तावेज़ों को जमा करना था जिससे ये सिद्ध हो सके की वे 1971 से पहले से ही असम में रहते हैं।

सूचि A में मांगे गए मुख्य दस्तावेज:

  • Citizenship Certificate
  • 1951 का NRC
  • Resident Certificate
  • किराया और किरायेदारी के रिकार्ड्स
  • Passport
  • Bank Documents
  • Permanent Resident Certificate
  • Educational Certificate and Court Order Records
  • Refugee Registration Certificate

सूचि B में मांगे गए मुख्य दस्तावेज:

  • Land Documents
  • Board or University Certificate
  • Birth Certificate
  • Bank/LIC Records
  • Ration Card
  • Name in Voter List
  • Legally Accepted Other Documents

अगर कोई व्यक्ति ये कहता है की वो 1971 से पहले का असम का ही मूल निवासी है तो उसे सूचि A में से कोई documents जमा करना होगा या अगर कोई व्यक्ति ये कहता है की उसके पूर्वज असम के ही मूल निवासी थे इसलिए वो भी असम का ही निवासी हुआ तो उसे अपने पूर्वजों के सूचि B के दस्तावेज़ जमा करवाना होगा।

आखरी नर्स की सूचि 31 अगस्त 2019 को जारी की गयी थी जिसमें करीब 19 लाख लोगों को शामिल नहीं किया गया बल्कि कुल 3.29 करोड़ लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था। आपको बता दें की अगर कोई व्यक्ति सूचि से बहार है तो वो न्यायालय जाकर 120 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं। यदि सभी न्यायालयों द्वारा किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित किया जाता है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। आपको बता दें की जुलाई 2019 तक करीब 1 लाख 17 हज़ार लोगों को विदेशी घोषित किया जा चूका है जिनमें से 1145 लोग हिरासत में है।

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