वैश्वीकरण क्या है? | Vaishvikaran kya hai

नमस्कार आज हम वैश्वीकरण के ऊपर बात करने वाले है। आज के इस ब्लॉग में हम बात वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) के बारे में करने वाले है, साथ ही वैश्वीकरण से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी जैसे – वैश्वीकरण के गुण- दोष के बारे में, वैश्वीकरण के महत्त्व के बारे में जानकारी देने के साथ ही कुछ जरूरी जानकारी वैश्वीकरण के बारे में देने वाले है, यदि आप चाहते है, की आपको वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) के इस ब्लॉग में हर वह जानकारी जिसको आज के समय में बहुत ही कम लोग जानते है, आपको पता चले तो आप हमारे साथ में बने रहिये।

Vaishvikaran kya hai
Vaishvikaran kya hai

वैश्वीकरण के बारे में बहुत बार परीक्षाओ में पूछा जाता है, लेकिन गलत जानकारी और अधूरे ज्ञान की वजह से बहुत सारे Student वैश्वीकरण के बारे में परीक्षा में नहीं लिख पाते है, इसलिए हमने आज के इस ब्लॉग वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) में हर वह जानकारी को बताया हुआ है, जिसका वैश्वीकरण से संबंध है, ब्लॉग को शुरू करने से पहले केवल इतना ही कहना चाहूंगा की यदि आप वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) के इस ब्लॉग में हर तरह की जानकारी को जानना चाहते है, तो आप हमारे ब्लॉग को अंत तक पढ़े।

वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai)

वैश्वीकरण का अर्थ सामान्य भौगोलिक दूरियों की समाप्ति को माना जाता है। वैश्वीकरण के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के देशो के बाजार एक दूसरे से परस्पर मिले हुए है, अर्थात कई तरह के देश के बाजार एक दूसरे देशो के साथ में परस्पर प्रकार से संबंध रखते हो। वैश्वीकरण को अनेक प्रकार से जाना जाता है, जैसे – जागतीकरण, पृथ्वीकरण, भूमंडलीयकरण, आदि।

जानकारों की यदि बात करे तो उनका कहना है, की वैश्वीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है, जो विश्व बाजारों के बीच में पारस्परिक निर्भरता उत्पन्न करती है। वैश्वीकरण का सीधा सा तात्पर्य देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थ व्यवस्था के साथ में जोड़ना है। वैश्वीकरण के बारे में कुछ जरूरी जानकारी :-

  • वैश्वीकरण बीसवीं शताब्दी की देन है।
  • वैश्वीकरण के 5 अंग होते है।
  • वैश्वीकरण के मामले में अमेरिका 25 वे स्थान पर है।
  • वैश्वीकरण सरकारों और कंपनियों के बीच में एकीकरण की एक प्रक्रिया है।
  • वैश्वीकरण में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रभाव आते है।
  • वैश्वीकरण को भूमंडलीयकरण के नाम से भी जाना जाता है।

वैश्वीकरण के गुण

यदि आपने वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) के बारे में जान लिया है, तो चलिए अब हम वैश्वीकरण के गुण के बारे में जान लेते है, वैश्वीकरण के गुण के बारे में हमने निचे कुछ बताया हुआ है :-

  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में वृद्धि
  • विदेशी व्यापर में वृद्धि
  • विदेशी मुद्रा कोष में वृद्धि
  • उत्पादकता में वृद्धि
  • स्वस्थ औद्योगिक विकास
  • जीवन स्तर में वृद्धि
  • विदेशी विनियोजन
  • विदेशो में रोजगार के अवसर
  • नविन तकनीकों का आगमन

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में वृद्धि

वैश्वीकरण को जब अपनाया जाता है, तो आर्थिक सम्बन्धो के साथ ही राजनैतिक सम्बन्धो में भी सुधार होते है, आज हमारे भारत देश के अलावा भी अमेरिका, जर्मनी, यूरोप आदि देशो में सुधार हुए है, इन देशो के सम्बन्धो में सुधार हमें देखने को मिलता है।

विदेशी व्यापर में वृद्धि

विदेशी व्यापर में वृद्धि संरक्षण निति समाप्त हो जाने के कारण विदेशी व्यापार में पर्याप्त वृद्धि होती हुई आज दिखाई दे रही है।

विदेशी मुद्रा कोष में वृद्धि

जब किसी राष्ट्र या किसी देश का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में होता है, तब उस राष्ट्र का निर्यात तथा व्यापर तेजी के साथ में बढ़ता है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा में वृद्धि होती है। साथ ही भुगतान जैसी कई समस्याओ का निवारण भी विदेशी मुद्रा कोष में वृद्धि होने से होता है।

उत्पादकता में वृद्धि

उत्पादकता में वृद्धि होने का सीधा सा उदहारण हम भारत से ले सकते है, भारत में इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, कार उद्योग इस दिशा में काफी ज्यादा सुधार उत्पादकता में वृद्धि होने से हुआ है।

स्वस्थ औद्योगिक विकास

वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) में यदि हम वैश्वीकरण के स्वस्थ औद्योगिक विकास की बात करे तो आपको हम बता दे की स्वस्थ औद्योगिक विकास भी वैश्वीकरण का एक गुण माना गया है।

जीवन स्तर में वृद्धि

उपभोक्ता को पर्याप्त मात्रा में उत्तम किस्म की वस्तुएँ मिलने की वजह से वैश्वीकरण के जीवन स्तर में वृद्धि होती है।

विदेशी विनियोजन

ऐसे देश जो वैश्वीकरण के राष्ट्र अपनी पूंजी विकासशील राष्ट्रों में या अर्धविकसित राष्ट्रों में विनियोग करते है, तो इसकी वजह से इन देशो का विनियोग बड़ी मात्रा में होता है।

विदेशो में रोजगार के अवसर

वैश्वीकरण के एक देश से दूसरे देश के लोग रोजगार प्राप्त करने में सक्षम होते है।

नविन तकनीकों का आगमन

वैश्वीकरण की वजह से विदेशी पूंजी के निवेश में वृद्धि होती है। साथ ही नवीन तकनीकों का आगमन होता है। जिसकी वजह से श्रम उत्पादक की किस्म में सुधर होता है।

वैश्वीकरण के दोष

वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) में आपको वैश्वीकरण के गुण के बारे में तो हमने जान लिया है, चलिए अब हम वैश्वीकरण के दोष के बारे में भी जान लेते है।

  • राष्ट्रप्रेम की भावना को आघात
  • आर्थिक परतंत्रता
  • विलासिता के उपयोग में वृद्धि
  • बेरोजगारी में वृद्धि
  • आर्थिक संतुलन

राष्ट्रप्रेम की भावना को आघात

वैश्वीकरण के कारण आज के समय में राष्ट्र प्रेम स्वदेश की भावना को आघात पंहुचा रहा है। जिसकी वजह से लोग विदेशी वस्तु का उपयोग अधिक कर रहे है, और देशी वस्तुओ का उपयोग कम करने लगे है।

आर्थिक परतंत्रता

वैश्वीकरण पिछड़े हुए राष्ट्रों को विकसित राष्ट्रों का गुलाम बना रहा है।

विलासिता के उपयोग में वृद्धि

वैश्वीकरण के कारण राष्ट्रों के विलासिता के साधनो और अश्लील साहित्य का भारतीय बाजारों में प्रवेश हो गया है, जिसकी वजह से सांस्कृतिक पतन का खतरा बढ़ता हुआ दिखाई देने लग रहा है।

बेरोजगारी में वृद्धि

वैश्वीकरण के कारण विदेशी माल मुक्त में ही बाजारों में प्रवेश कर रहे है, जिसकी वजह से बेरोजगारी में वृद्धि होती हुई दिखाई दे रही है। साथ ही देश में औद्योगिक श्रमिकों की संख्या कम होती हुई दिखाई दे रही है।

आर्थिक संतुलन

वैश्वीकरण की वजह से विश्व में आर्थिक संतुलन पैदा हो रहा है। जिसकी वजह से गरीब और अमीर राष्ट्र अधिक संपन्न हो रहे है, जिसकी वजह से देश में अमीर राष्ट्रों की बीच में विषमताएं बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

यह भी पढ़े :-

Conclusion

हमने आपको आज के ब्लॉग वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) में वैश्वीकरण के बारे में सारी जानकारी इस ब्लॉग के माध्यम से आपको बताई है, जैसे – वैश्वीकरण के गुण और दोष के बारे में, वैश्वीकरण के बारे में और भी बहुत सारी जानकारी इस ब्लॉग वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) में आपको बतायी है, यदि आपने हमारे ब्लॉग वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) को अच्छे से पढ़ा होगा, तो आपको हमारे इस ब्लॉग में वैश्वीकरण के बारे में हर वह जानकारी जिसके बारे में आप जानना चाहते थे, आपको पता चल गयी होती।

आशा करता हूँ, की आपको हमारा यह ब्लॉग वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) पढ़कर अच्छा लगा होगा, यदि आपको हमारा यह ब्लॉग अच्छा लगा हो, तो आप हमें Comment करे। साथ ही आपने मित्रो को यह जानकारी Whatsapp, Facebook, पर Share करे। जिससे आपको दोस्तों को भी वैश्वीकरण क्या है (vaishvikaran kya hai) के इस ब्लॉग की पूरी जानकारी पता चल सके।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *