समास के कितने भेद होते हैं? | Samas ke kitne bhed hote hain

दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात समास के बारे में करने वाले है, समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के बारे में जानकारी देने वाले है, साथ ही आपको हम इस ब्लॉग के माध्यम से समास के बारे में वो जानकारी जो समास के लिए जरूरी है, आपको बताने वाले है, जैसे – समास किसे कहते है, समास के प्रकार कितने है, समास की परिभाषा क्या है, ऐसी है जानकारी समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के इस ब्लॉग में देने वाले है।

Samas ke kitne bhed hote hain
Samas ke kitne bhed hote hain

समास के बारे में परीक्षाओ में हमेशा पूछा जाता है, बहुत सारे ऐसे student है, जिनको समास के बारे में तो पता होता है, लेकिन उनको समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) इसके बारे में जानकारी नहीं होती है, यदि आपको भी समास के बारे में वो जानकारी जो आज के समय में बहुत ही कम लोगो को पता है, आपको पता चले तो आप हमारे इस ब्लॉग को पूरा पढ़े। जिससे आपको समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के इस ब्लॉग में दी जाने वाली पूरी जानकारी पता चल सके।

समास की परिभाषा

समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के बारे में जानने से पहले हमें समास की परिभाषा के बारे में जानना होगा। जब दो या दो से अधिक शब्दों को मिलकर एक नया शब्द बनता है, तो उसे हम समास कहते है। हिंदी व्याकरण में समास का अर्थ छोटा रूप होता है। यदि हम समास को सरल भाषा में समझे तो किसी दो शब्दों या उससे अधिक शब्दों को जोड़कर बनने वाला नया शब्द और छोटा शब्द ही समास है, जैसे – देशवासी। इस शब्द को यदि हम अलग – अलग करते है, और फिर इसको मिलाते है, तो इसका अर्थ कुछ इस प्रकार से निकलता है :-

  • देशवासी देश के वासी।

समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain)

समास के 6 (छः) भेद होते है। समास की परिभाषा के बारे में हमने आपको ऊपर जानकारी बताई है, चलिए अब हम समास के भेद के बारे में जान लेते है, समास के 6 भेद होते है, जिनके बारे में हमने निचे बताया हुआ है :-

  1. अव्ययीभाव समास
  2. द्विगु समास
  3. तत्पुरुष समास
  4. बहुब्रीहि समास
  5. कर्मधारय समास
  6. द्वन्द्व समास

अव्ययीभाव समास

अव्ययीभाव समास का पूर्वपद प्रधान होता है, जिस समास का पहला शब्द मुख्य या अवयव होता है, उस समास को अव्ययीभाव समास कहते है। जैसे – प्रतिदिन, निडर आदि।

द्विगु समास

द्विगु समास का पहला शब्द संख्या वाचक होता है, जिस समास का पूर्वपद संख्या वाचक होता है, उस समास को द्विगु समास कहा जाता है, जैसे – अठन्नी, दोपहर, पंजाब आदि।

तत्पुरुष समास

तत्पुरुस समास में उत्तरपद प्रधान होता है, जिस समास का प्रथम पद गौण होता है, और उत्तरपद की प्रधानता होती है। तत्पुरुष समास कहलाता है। तत्पुरुष समास के 6 भेद होते है।

बहुब्रीहि समास

बहुब्रीहि समास में किसी तीसरे शब्द की प्रतीति होती है, जिस समास में पूर्व पद और उत्तर पद दोनों ही गौण होते है, और अन्य शब्दों को छोड़कर एक शाब्दिक अर्थ निकालता हो ऐसे समास को हम बहुब्रीहि समास कहते है। जैसे – गजानन, चतुर्भुज, दिगंबर आदि।

कर्मधारय समास

कर्मधारय समास में दोनों ही पद प्रधान होते है, इस प्रकार के समास का प्रथम पद विशेषण होता है, और दूसरा पद विशेष्य होता है, ऐसे समास को हम कर्मधारय समास कहते है। जैसे – सज्जन, दहीबड़ा, पीताम्बर आदि।

द्वन्द्व समास

द्वन्द्व समास उस समास को कहते है, जिनमे दोनों पद प्रधान होते है, द्वन्द्व समास में विग्रह करने पर दोनों शब्दों के बीचो – बीच (-) लगाया जाता है, इस समास का पहला और दूसरा दोनों ही शब्द मुख्य होता है। जैसे – माता – पिता, कृष्णा – अर्जुन आदि।

समास के पद

यदि आप समास के पद के बारे में जानना चाहते है, तो आपको समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) इसके बारे में अच्छे से जानकारी होना जरूरी है, यदि आपने अभी तक समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के बारे में नहीं पढ़ा है, तो सबसे पहले इस जरूरी जानकारी को अच्छे से पढ़ ले। समास के पद के बारे में बहुत सारे Student को नहीं पता होता है, यदि आपको समास के पद के बारे में जानकारी है, तो अच्छी बात है, लेकिन यदि आपको समास के पद के बारे में नहीं पता तो हम आपको समास के पद के बारे में बताते है।

समास में दो पद होते है, पहले पद में पुर्वद पद को रखा गया है, और दूसरे पद में उत्तर पद को रखा गया है। यदि हम इन दोनों पदों को मिलाकर कोई नया शब्द बनाये, तो उसको समस्त पद के नाम से जाना जायेगा जैसे – प्रति + दिन = प्रतिदिन, राजा का पुत्र = राजपुत्र आदि।

यह भी पढ़े :-

Conclusion

हमने आपको आज के इस ब्लॉग समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) में समास के बारे में सारी जानकारी आपको बताने की कोशिश की है, यदि आपने हमारे ब्लॉग को अच्छे से पढ़ा होगा, तो आपको इस ब्लॉग में दी जाने वाली सारी जानकारी जैसे – समास की परिभाषा के बारे में समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के बारे में समास के पद के बारे में जानकारी अच्छे से मिल गयी होगी।

हमारा विश्वास है, की हमारे द्वारा लिखे गए इस ब्लॉग समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) के माध्यम से आपको समास के बारे में सारी जरूरी जानकारी इस ब्लॉग के माध्यम से प्राप्त हो चुकी होगी, यदि आपको हमारा यह ब्लॉग समास के कितने भेद होते हैं (samas ke kitne bhed hote hain) अच्छा लगा हो, तो आप हमें comment करे। साथ ही अपने दोस्तों को हमारी यह जानकारी Whatsapp, Facebook पर Share करे।

Related Posts

One thought on “समास के कितने भेद होते हैं? | Samas ke kitne bhed hote hain

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *